Haryana Sarpanch: हरियाणा में महिला सरपंच के पति की चमकी किस्मत, रातोंरात बन गया करोड़ों का मालिक

Haryana Sarpanch: हरियाणा जो कि अपनी खेती-किसानी पहलवानी और राजनीतिक सक्रियता के लिए पूरे देश में जाना जाता है वहां के गांवों में भी अब तकनीक और इंटरनेट का जबरदस्त असर दिखने लगा है। एक तरफ जहां युवा खेती के साथ-साथ (YouTube) (Instagram) जैसे प्लेटफॉर्म्स पर अपनी किस्मत आज़मा रहे हैं वहीं अब ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग एप्स ने भी गांव-देहात तक अपनी पैठ बना ली है। करनाल जिले के एक छोटे से गांव सुहाना से एक ऐसी ही चौंकाने वाली लेकिन दिलचस्प खबर सामने आई है जिसने पूरे इलाके का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
सरपंच पति ने जीते 3 करोड़ रुपये
करनाल के सुहाना गांव में रहने वाले विक्रम जो कि गांव की महिला सरपंच रेखा के पति हैं उन्होंने हाल ही में एक ऑनलाइन बेटिंग एप (Betting App) पर भाग लेकर 3 करोड़ रुपये की धनराशि जीत ली है। यह खबर जब गांव में फैली तो मानो खुशियों की जैसे बाढ़ आ गई हो। हर कोई विक्रम को बधाई देने पहुंचा और यह चर्चा अब पूरे हरियाणा में आग की तरह फैल गई है।
विक्रम ने यह जीत (IPL) यानी इंडियन प्रीमियर लीग के दौरान हासिल की। उन्होंने अपनी बेटी के नाम से एक आईडी बनाकर एक फैंटेसी बेटिंग एप पर टीम बनाई और पंजाब व लखनऊ के बीच हुए मैच में उनकी टीम ने पहला स्थान हासिल किया। इस जीत के साथ उन्हें 3 करोड़ रुपये की इनामी राशि के अलावा एक शानदार महिंद्रा थार (Mahindra Thar) गाड़ी भी तोहफे में मिली है।
मजदूर के बेटे की मेहनत रंग लाई
विक्रम की कहानी इसलिए भी खास बन जाती है क्योंकि वे किसी अमीर घराने से नहीं हैं। उनके पिता एक मजदूर हैं और खुद विक्रम भी खेतीबाड़ी और मजदूरी से जुड़े हुए हैं। उनका परिवार किराए की जमीन पर खेती करता है और सामान्य जीवन जीता है। लेकिन अब इस भारी-भरकम इनाम ने उनके पूरे परिवार की किस्मत पलट दी है।
रेखा जो खुद गांव की सरपंच हैं उन्होंने बताया कि विक्रम बीते पांच सालों से अलग-अलग ऑनलाइन बेटिंग एप्स पर अपनी किस्मत आजमा रहे थे। उन्होंने न केवल IPL में भाग लिया बल्कि एक अन्य एप पर दो और टीमें बनाकर प्रत्येक टीम से 1-1 लाख रुपये की अतिरिक्त इनामी राशि भी जीती। यानी कुल मिलाकर विक्रम को लगभग 3 करोड़ 2 लाख रुपये और एक लग्जरी गाड़ी मिली है।
रेखा और विक्रम ने यह भी बताया कि वे इस इनाम का उपयोग अपनी दो बेटियों के भविष्य को संवारने में करना चाहते हैं। रेखा ने कहा कि यह पैसा उनके परिवार के लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं है। वह चाहती हैं कि उनकी बेटियां अच्छे स्कूलों में पढ़ें और उन्हें जीवन में किसी चीज की कमी न हो।
विक्रम ने बताया कि वह इस रकम का एक हिस्सा गांव के विकास में भी लगाना चाहते हैं ताकि उनका गांव भी स्मार्ट बन सके। उनका सपना है कि गांव के बच्चों को बेहतर पढ़ाई के साधन मिलें और तकनीक से वह भी देश-दुनिया की जानकारी पा सकें।
युवाओं को दी खास सलाह
विक्रम ने इस जीत के बाद गांव के युवाओं को एक खास सलाह भी दी। उन्होंने कहा भाई ये जो बेटिंग और गेम्स हैं इनमें नशे की तरह लत लग सकती है। पर अगर इसे शौक के रूप में और सोच-समझ कर खेला जाए तो किस्मत साथ भी दे सकती है। उन्होंने युवाओं को आगाह किया कि वह इसे जीवन का आधार न बनाएं बल्कि एक टाइमपास या एंटरटेनमेंट के तौर पर ही देखें।